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सोनोग्राफी में बरती गई लापरवाही

नही बताया गर्भ मैं जुड़वा बच्चे है

पूर्व सिविल सर्जन शिखर सुराना सहित 2 अन्य पर 2-2 लाख का हुआ जुमार्ना हुआ

उपभोक्ता फोरम ने सुनाया फैसला

ग्लोबलज्ञान 24
छिंदवाड़ा

छिंदवाड़ा के खजरी रोड मैं मर्सी अस्पताल मैं जब गर्भवती महिला रोशनी सोनी को उनके पति आशीष सोनी ने इलाज के समय सोनोग्राफी के दौरान बरती गई लापरवाही के मामले में उपभोक्ता आयोग ने पूर्व सिविल सर्जन शिखर सुराना सहित मर्सी अस्पताल प्रबंधन व एक चिकित्सक मिनी वर्गीस पर 2-2 लाख रुपए का हर्जाना ठोंका है।

गुलाबरा सक्सेना कॉलोनी निवासी रोशनी पति अधिवक्ता आशीष सोनी की ओर से मुख्य अधिवक्ता अजय पालीवाल सुनील रघुवंशी व दविंदर खन्ना विशाल मथुरिया व रविन्द्र उइके ने बताया कि आवेदिका ने गर्भावस्था के दौरान मर्सी हास्पिटल में उपचार कराया था। प्रारंभिक जांच के दौरान की गई सोनोग्राफी में पूर्व सिविल सर्जन शिखर सुराना नै सोनोग्राफी रिपोर्ट में सिंगल चाइल्ड बताया
जबकि यह जांच पूर्व में 2 बार भी डॉक्टर सुराणा द्वारा एक ही बच्चे का होना बताया गया जिस से मेरे पति द्वारा इलाज भी एक बच्चे का समझ कर होता रहा मुझे लगता है यही मेरे जुड़वाँ बच्चों की मृत्यु का कारण बना

सील किसी अन्य चिकित्सक की लगाकर खुद साइन किए गए थे। करीब तीन माह बाद पता चला कि आवेदिका के पेट में दो बच्चे पल रहे थे, लेकिन सोनोग्राफी में तीसरी बार भी एक ही बच्चा होना बताया गया।

आखिर चिकित्सकों की लापरवाही से दोनों बच्चे मृत अवस्था में बाहर निकले। इस मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने आवेदिका के पक्ष में फैसला सुनाते हुए पूर्व सिविल सर्जन डॉ. शिखर सुराना को सेवा में कमी के चलते 2 लाख रुपए का हर्जाना देने का आदेश दिया है। वहीं मर्सी अस्पताल और तत्कालीन चिकित्सक डॉ मिनी वर्गीस को भी 2-2 लाख रुपए का हर्जाना देने का आदेश दिया है।

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