ग्लोबलज्ञान24 न्यूज़ रिपोर्ट
मानवता के लिए कलंक है छुआछूत” – नागेंद्र ब्रह्मचारी
छिंदवाड़ा। अनगढ़ हनुमान मंदिर में जन्माष्टमी के पावन अवसर पर चल रहे 50वें वर्ष की श्रीकृष्ण कथा सत्संग के पाँचवें दिन महामंडलेश्वर श्री नागेंद्र ब्रह्मचारी जी महाराज ने व्यासपीठ से भक्तों को संबोधित किया।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि –
ऊँच-नीच और छुआछूत जैसी सामाजिक बुराई मानवता पर कलंक है।
स्वार्थी लोग धर्म और भाषा के नाम पर समाज को बाँटते हैं।
श्रीकृष्ण ने अपनी बाल लीलाओं के माध्यम से समाज को मिलकर रहने का संदेश दिया।
महाराज ने माखन चोरी की लीला का उदाहरण देते हुए कहा कि यह लीला समाज से छुआछूत की बीमारी मिटाने का प्रतीक है। कथा के दौरान छोटे-छोटे बाल गोपालों ने भगवान की झांकियाँ प्रस्तुत कीं और माखन चोरी की लीलाओं का मंचन कर श्रद्धालुओं को आनंदित किया।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण कर पुण्य लाभ लेने पहुँचे और भक्ति रस में डूब गए।
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