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सागौन की बलि पर कच्ची शराब का धंधा
छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ क्षेत्र के मजियापार जंगल में कच्ची शराब का काला कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। हैरानी की बात ये है कि इस अवैध धंधे में कीमती सागौन के पेड़ों की बलि दी जा रही है। आबकारी विभाग की कार्रवाई ने इस पूरे गोरखधंधे का पर्दाफाश किया है, वहीं वन विभाग की निष्क्रियता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं!
पोला पर्व से पहले शराब तस्कर पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। वे जंगलों में सागौन के पेड़ काटकर लकड़ी जलाते हैं और उसी से कच्ची शराब तैयार की जाती है। गुरुवार को दबिश देने पहुंची आबकारी विभाग की टीम ने जंगल में कई जगह शराब बनाने की भट्टियां पकड़ीं, जिनके पास ताजा कटे सागौन के ढेर मिले।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ये धंधा लंबे समय से चल रहा है, लेकिन वन विभाग की चुप्पी ने तस्करों के हौसले बुलंद कर दिए हैं। सूत्र बताते हैं कि विभाग के कुछ जिम्मेदार अधिकारी आराम से बंगलों में बैठे रहते हैं, जबकि जंगलों में सागौन की बर्बादी और कच्ची शराब की भट्टियां धधकती रहती हैं।
अब देखना ये होगा कि इस खुलासे के बाद प्रशासन शराब तस्करों पर सख्त कार्रवाई करता है या फिर मामला हमेशा की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा??????









