छिंदवाड़ा से दर्दनाक खबर
ग्लोबलज्ञान24News
एक और मासूम जिंदगी की जंग हार गई
सुशांत ठाकरे की इकलौती बेटी योजीता ठाकरे आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई।छिन्दवाड़ा के 35 किलोमीटर
डॉक्टर्स कालोनी बड़कुही के रहने वाला परिवार पिता संत चावरा मैं टीचर है
किडनी फेल होने से पीड़ित योजीता का कई दिनों से नागपुर में इलाज चल रहा था।पिता शिक्षक हैं, माँ गृहिणी, दादा सेंट्रल स्कूल में कार्यरत।
परिवार ने इलाज के लिए लाखों रुपये खर्च किए, सांसद और स्कूल प्रशासन की आर्थिक मदद की,
लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया।
इलाज मैं इतना पैसा लग चुका परिवार ने सभी से की थी मदद की अपील आखिर नही बचा पाए फिर भी जिंदगी
अब तक 10 मासूमों की मौत हो चुकी है इस रहस्यमयी बीमारी से।
हर घर में मातम पसरा है, हर आंख नम है, सवाल अब भी वही है—
आखिर गलती किसकी थी?
क्यों मासूमों की जिंदगी यूं दांव पर लग गई?
यह कहानी सिर्फ एक बच्ची की नहीं,
बल्कि पूरे समाज की चेतावनी है कि समय रहते अगर सावधानी और सही इलाज होता, तो शायद आज योजीता हंसती-खेलती अपने घर लौटती।
आखिर क्या कसूर था उस बेटी का???









