पी ए टू ओनर ड्राइवर कवर
के तहत हुआ फैसला

ग्लोबलज्ञान24 छिन्दवाड़ा
आज उपभोक्ता फोरम ने नेशनल इन्सुरेंस कंपनी को 15 लाख 6 %ब्याज के साथ देरी होने मैं बीमा धन देने का अहम फैसला सुनाया जिसमे उपभोक्ता फोरम मैं आवदेक आशा फरकारे पत्नी स्वर्गीय महादेव फरकारे शन्ति नगर एकता कालोनी सिवनी के निवासी द्वारा आवदेक के अधिवक्ता आकाश सूर्यवँशी द्वारा पैरवी की गई मामला अक्टूम्बर 2021 से 2022 का जहां आवदेक द्वारा गाड़ी को नेशनल इन्सुरेंस द्वारा बीमित कराया गया जिसकी राशि 295 थी महादेव फरकारे गाड़ी चलाते हुए 20 जुलाई 2021 को एस एफ़ गेट के सामने गाड़ी फिसल जाने के कारण दुघर्टना हुई जिनका इलाज के दौरान 25 जनवरी 2022 को उनकी मृत्यु हो गई बीमा कंपनी ने ये कह कर बीमा की राशि नही दी कि उनका बीमारी के चलते 6 महीने बाद मृत्यु हुई आवदेक की पत्नी द्वारा परिवाद पेश किया गया उपभोक्ता फोरम मैं सभी साक्ष्य के आधार पर पी ए टू ओनर ड्राइवर जो 295 मैं नेशनल इन्सुरेंस कंपनी द्वारा बीमित किया गया था 15लाख का बीमा धन देने का अहम फैसला बीमा कम्पनी नेशनल इन्सुरेंस को आदेश किया

पी ए टू ऑनर ड्राइवर कवर क्या है
होता क्या है जिसके अंर्तगत फैसला सुनाया गया ।

क्यों सभी को जानना जरूरी है

पर्सनल एक्सीडेंट (पीए) कवर, क्या होता है जो सभी को समझना जरूरी है

कार या बाइक इंश्योरेंस का एक हिस्सा है. यह कवर, वाहन चलाते समय मालिक-ड्राइवर को कवर देता है. इसमें, वाहन में सह-चालक के रूप में चढ़ना-उतरना या यात्रा करना भी शामिल है. पीए कवर के तहत, मालिक-ड्राइवर को आकस्मिक मृत्यु, चोट, और विकलांगता के लिए कवरेज मिलता है.
पीए कवर से जुड़ी कुछ और बातेंः
पीए कवर के तहत, मालिक-ड्राइवर को अधिकतम 15 लाख रुपये का सम इंश्योर्ड मिलता है.
दुर्घटना के मामले में, क्षतिपूर्ति इंश्योर्ड व्यक्ति या पॉलिसी के नॉमिनी को दी जाती है.
अगर आपकी कार में कोई पेड ड्राइवर चलाता है, तो आप उसे कवर करने के लिए कार इंश्योरेंस पॉलिसी में पीए कवर का ऐड-ऑन ले सकते हैं.
पीए कवर के लिए अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान करना होता है.
इंडिया मोटर टैरिफ़ 2002 के मुताबिक, कार बीमा में पीए कवर लेना ज़रूरी है.